Wednesday, 31 May 2017

काश आपसे मिल लिए -मेरी शायरी

Kash aap se mil liye hote,
To dil ke jazbat bayan kiye hote,
Kambakht baarish bhi ruthi hai humse,
Warna yaadon ke wo pal hmne bhigo liye hote...

काश आपसे मिल  लिए होते,

तो दिल के जज़्बात बयाँ किये होते,
कमबख्त बारिश भी रूठी है हमसे,
वरना यादों के वो पल हमने भीगो लिए होते...।

ये इंतज़ार मुश्किल हो रहा-मेरी शायरी

Ye intzaar mushkil ho raha hai,
Ye waqt kaatil ho rha hai,
Mil jaao hme kuchh is trhaa se ki,
Lge pyaar dil me shaamil ho rha hai... 

ये इंतज़ार मुश्किल हो रहा है,

ये वक़्त कातिल हो रहा है,
मिल जाओ हमें कुछ इस तरह से की,
लगे प्यार दिल में शामिल हो रहा है...

दिल बेचैन है तू कब -मेरी शायरी

Dil bechain he tu kb aaega,?
Dhadkno ka tez hona tu kb sunega?
Yun to Zarurt nhi kisi ke sahare ki muje pr,
Intzaar he Tera hath mere hath me kb aaega...?

दिल बेचैन है तू कब आएगा,?

धड़कनों का तेज होना तू कब सुनेगा?
यूँ तो ज़रूरत नही किसी के सहारे की मुझे पर,
इंतज़ार हे तेरा हाथ मेरे हाथ में कब आएगा...?

Tuesday, 30 May 2017

तेरे करीब आने के ख्याल से मन-मेरी शायरी

Tere karib aane ke khayal se mnn mchl rha he.
Kya hoga jb tum samne honge...
Gle lagake mehsus krenge
Abhi jo armaan sambhaal rhe he...

तेरे करीब आने के ख्याल से मन मचल रहा है.

क्या होगा जब तुम सामने होंगे...
गले लगा के महसूस करेंगे
अभी जो अरमान संभाल रहे है...

बता दो मुझे-मेरी शायरी

Bata do muje
Tere dil me kya hai?
Jubaan pe le aao armaan
Aese chhupane me kya hai???

बता दो मुझे
तेरे दिल में क्या है?
जुबां पे ले आओ अरमान
ऐसे छुपाने में क्या है???


जिस्म को छुआ नही-मेरी शायरी

Jism ko chhua nhi
Rooh me utra hai tu...
Kehte hai mohabbt jise
Sikha rahaa hai tu...

जिस्म को छुआ नही

रूह में उतरा है तू...
कहते है मोहब्बत जिसे
सिखा रहा है तू...

तेरे इनकार को इंतज़ार समझ-मेरी शायरी

Tere inkaar ko intezaar samj lenge
Tere jazbaat ko saugaat smj lenge
Aya jo kabhi is mohbbt ki gali me
Tere didar ka apna imaan samj lenge..

तेरे इनकार को इंतज़ार समझ लेंगे

तेरे जज़्बात को सौगात समझ लेंगे
आया जो कभी इस मोहब्बत की गली में
तेरे दीदार का अपना ईमान समझ लेंगे..

हस्ते चेहरे अक्सर दर्द-मेरी शायरी


Hste chehre aksr dard me lipte hote hai...
Nazar sirf une aate he jo unke hisse hote hai.

हस्ते चेहरे अक्सर दर्द में लिपटे होते हे...

नज़र सिर्फ उनहे आते हे जो उनके हिस्से होते है...

तेरी मुस्कान के पीछे राज़ -मेरी शायरी

Teri muskan ke pichhe raaz kai hai.
Apno ne na smje aese jazbaat kai hai.
Sach he ya bharam mera
Aese to mujme sawalat kai hai...

तेरी मुस्कान के पीछे राज़ कई है.

अपनों ने न समझे ऐसे जज़्बात कई है.
सच है या भरम मेरा
ऐसे तो मुजमे सवालात कई है...

कुछ राज़ राज़ ही रहने -मेरी शायरी

Kuchh raaz raaz hi rehne do...
Ye alfaaz alfaaz hi rehne do.
Jazbaat bayan ho gye to mushkil hogi,
Inhe bs la-ilaaz rehne do..

कुछ राज़ राज़ ही रहने दो...

ये अलफ़ाज़ अलफ़ाज़ ही रहने दो.
जज़्बात बयां हो गये तो मुश्किल होगी,
इन्हे बस ल-इलाज़ रहने दो..

मौसम ने करवट ली-मेरी शायरी

Mausam ne karvat li,
Hawao ne rukh badla,
Silsila aasman ke ishq ka
Zameen pe aa pahuncha...

मौसम ने करवट ली,

हवाओ ने रुख बदला,
सिलसिला आसमान के इश्क़ का
ज़मीं पे आ पहुंचा

खेल खेल में हारना आ -मेरी शायरी

Khel khel me harna aa jaye,
Khel ko khel smjna aa jaye,
Dikh jaaye hasi tere labo pe
To zingdi ko bhi haar jaaye..

खेल खेल में हारना आ जाये,

खेल को खेल समजना आ जाये,
दिख जाए हंसी तेरे लबों पे
तो जिंगदी को भी हार जाए..

दूर हो रहे है वो धीरे -मेरी शायरी

Dur ho rhe he wo dheere dheere
Muje tdpa rhe he wo dheere dheere
Unhe to kuchh pta hi nhi
Jaan ja rhi he meri dheere dheere...

दूर हो रहे है वो धीरे धीरे,

मुझे तडपा रहे है वो धीरे धीरे,
उन्हें तो कुछ पता ही नही,
जान जा रही है मेरी धीरे धीरे...।

अपने सीने में झांक के-मेरी शायरी

Apne sine me jhankh ke dekho
Mera didar wahi hoga,
Tu dur chahe kitna bhi ho mujse,
Mera pyaar tere saath hoga.

अपने सीने में झांक के देखो,

मेरा दीदार वही होगा,
तू दूर चाहे कितना भी हो मुझसे,
मेरा प्यार तेरे साथ होगा...।

सीने से लगा लो-मेरी शायरी

Sine se laga lo
Hontho ko chum lo
Tdpte se mere dil ko
Thoda sukun baksh do..

सीने से लगा लो,

होंठो से चुम लो,
तड़पते से मेरे दिल को,
थोड़ा सा सुकून बख्श दो...।

हम आपके इंतज़ार में -मेरी शायरी

Hm aapke intzaar mai hai
Or aap kahi or sharik hai...
Dil me tadap hai aap ko haal sunane ki 
Pr aap shayd kisi or ke nazdeek hai...

हम आपके इंतज़ार में है,

और आप कही ओर शरीक़ है,
दिल मे तड़प है आप को हाल सुना ने की,
पर आप शायद किसी ओर के नज़दीक है...।

सुबह का सलाम भेजते-मेरी शायरी

Subah ka salaam bhejte he, 
Tere hontho pe apne hotho ke nishan bhejte he, 
kabul kr mere is chhote se tohfe ko mere yaar, 
Dil se teri khushi ki dua
bhejte hai...

सुबह का सलाम भेजते है,

तेरे होंठो पे अपने होंठो के निशान भेजते है,
कुबूल कर मेरे इस छोटे से तोहफे को मेरे यार,
दिल से तेरी खुशी की दुआ भेजते है...।

जब भी पडती है आपकी आवाज़ इन-मेरी शायरी

Jb bhi pdti hai aapki aavaz in kaano mai,
Dil ki dhadkne tez ho jaati he,
Hosh mai rehti nhi me,
Tujme kho jaati hu,
Mil jaaye tu.
Sine se laga le tu.
To kya baat ho, Bs yhi soch kr Jiye jaati hu...

जब भी पडती है आपकी आवाज़ इन कानो मे,
दिल की धडकने  तेज़ हो जाती है,
होश मे रहती नही मै,
तूझ मे खो जाती हू मै,
मिल जाए तु
सीने से लगा ले तु
क्या बात हो,
बस यही सोच के िजये जाती हु मै हैं



हर सुबह आंख खुले तेरी-मेरी शायरी

Hr subaha aankh khule teri to samne main hu,
Aankho me teri mera hi aks ho , 
dekh ke khush main hu,
Jb bhi khyal aese aate he
Saari raat bs tere khayaal mai me hu...

हर सुबह आंख खुले तेरी तो सामने मैं हूँ,

आंखों में तेरी मेरा ही अक्स हो,
देख कर खुश में हु,
जब भी ख्याल ऐसे आते है,
सारी रात बस तेरे खयाल में मैं हु...।

देखने वाले के नज़रिए में फर्क-मेरी शायरी

Dekhne wale ke nazriye me frk hota he,
Wrna koi kisiki tarif na krta, 
Dikhte gulabo me kaante he,
Pr pyaar ka izhaar kamal nhi krta...


देखने वाले के नज़रिए में फर्क होता है,
वरना कोई किसी की तारीफ न करता,
दिखते गुलाबों में कांटे है,
पर प्यार का इज़हार कमल नही करता...।

तेरे दिल में रहते -मेरी शायरी

Tere dil me rehte he.
Tere khyalo me ghumte hai,
Pta kya bataye .
Jb hm lapta se rehte hai..

तेरे दिल में रहते हे.

तेरे ख्यालों में घूमते है,
पता क्या बताये .
जब हम लापता से रहते है..

जिस्म यहाँ है.-मेरी शायरी

Jism yahan hai,Dil waha he,
Kya jawab du tere sawal ka?
Jaha mai hu,Waha tum ho,
Kya javab du tere sawal ka?

जिस्म यहाँ है,
दिल वहा है,

क्या जवाब दूं तेरे सवाल का?
जहा मै हु,वहा तुम हो,
क्या जवाब दूं तेरे सवाल का?

कितनी मोहब्बत है-मेरी शायरी

kitni mohbbt he, kash bta pate.
Sine se laga ke,Sukun le aate,
Rote tere kandhe pr sir rkh khr,
Jb jb tum muje itna yaad aate...



कितनी मोहब्बत है, काश बता पाते.
सीने से लगा के,सुकून ले आते,
रात तेरे कंधे पर सर रख कर,
जब जब तुम मुझे इतना याद आते..

तू चाहत है.-मेरी शायरी


Tu chaht hai.
Tu jarurt hai.
Tu ibadt hai.
Tu majhab hai.
Khuda kyu Ho naraaz hmse..
Ye uski hi banai mohabbt hai...

तू चाहत है.

तू जरूरत है..
तू इबादत है.
तू मजहब है.
खुदा क्यों हो नाराज़ हमसे.
ये उसकी ही बनाई मोहब्बत है...

आदत हो गई है मुझे उनसे-मेरी शायरी

Aadat ho gai he muje unse pyaar krne ki,
Bewajah intzaar krne ki,
Ummido ke shahr me hmara bhi ek makan hai,
Jarurt he bs unke izhaar krne ki...

आदत हो गई है मुझे उनसे प्यार करने की,

बेवजह इंतज़ार करने की,
उम्मीदों के शहर में हमारा भी एक मकान है,
जरूरत है बस उनके इज़हार करने की...

कितना प्यार है कैसे -मेरी शायरी


Kitna pyaar hai kese kahu?
Kitna intzaar hai kese kahu...?
Dil ko chain nhi aankho mai nind nhi,
Ye tera hi asar hai 
Kaise kahu??? 

कितना प्यार है कैसे कहु?
कितना इन्तज़ार है कैसे कहु...?
दिल को चैन नही आंखों में नींद नही,
ये तेरा ही असर है कैसे कहू???


प्यार का नशा कुछ ऐसे हो-मेरी शायरी

Pyaar ka nsha kuchh aese ho gya,
Chdhha bhi aise ki dil Tanaha ho gya,
Yaadein satane lgi un lmhoki jo sath bitaye the, 
wo lamhe kaatil bn kr
Is waqt mai rusawa ho gye...

प्यार का नशा कुछ ऐसे हो गया,
चढ़ा भी ऐसे की दिल तन्हा हो गया,
यादें सताने लगी उन लम्हों की जो साथ बिताए थे,
वो लम्हा कातिल बन कर इस वक़्त में रुसवा हो गया.।

तेरे नाम से जानी जाऊ ऐसा-मेरी शायरी

Tere naam se jaani jau me,
aesa kuch ho jaaye,
Mere khwabo me hi sahi,
Tera mera Naam jud jaaye...

तेरे नाम से जानी जाऊ ,
ऐसा कुछ हो जाए,
मेरे ख्वाबों में ही सही ,
तेरा मेरा नाम जुड़ जाए...

खुदा प्यार सिखाता है-मेरी शायरी

Khuda pyaar sikhata he.
Pyaar se jalta nhi,
Khush hoga vo hmara pyaar dekh kr,
Aaj kl aesa pyaar koi krta nhi...

खुदा प्यार सिखाता है

प्यार से जलता नही,
खुश होगा वो हमारा प्यार देख कर,
आज कल ऐसा प्यार कोई करता नही...

दिल चाहता है तुजे सिने से -मेरी शायरी

Dil chahta he tuje sine se lagale...
Apne saare gm aansuo me baha le...
Tere pehlu me aese zindgi guzare
Ki sari duniya ko bhula le

दिल चाहता है तुजे सिने से लगा ले...

अपने सारे गम आंसुओ में बहा ले...
तेरे पहलू में ऐसे ज़िंदगी गुज़रे की
सारी दुनिया को भुला ले...।

तेरे रूठ जाने से टूट -मेरी शायरी

Tere ruth jane se tut se gye he hm,
Jra sambhal lo hme
 Akele ho gye he hm,
Saza do gunah ki hme ,
ya sine se laga lo.
Teri berukhi se bikhrne lge he hm...

तेरे रूठ जाने से टूट गए है हम,

ज़रा संभाल लो हमे
अकेले हो गए है हम,
सज़ा दो गुनाह की हमें
या सीने से लगा लो,
तेरी बेरूखी से बिखरने लगे है हम...

तुजे हो तकलीफ मज़ाक में-मेरी शायरी

Tuje ho tklif majak me bhi to.
Dil ye tut sa jata he...
Bechara akela to he pehle se...
Pr jyaada aaj kl udaas sa rehta he...

तुजे हो तकलीफ मज़ाक में भी तो
दिल ये टूट से जाता है,
बेचारा अकेला तो है पहले से...
पर ज्यादा आज कल उदास सा रहता है...

तेरी सारी बातें याद-मेरी शायरी

Teri sari baate yaad aaengi...
Shararte teri mujme muskuraengi...
Aankhe num bhi hui  yaad  me to gum nhi hoga...
Kyu ki shayari ki frmaishe aap ki mujhe apna banaegi...

तेरी सारी बातें याद आएंगी...

शरारतें तेरी मुझमे मुस्कुराएगी...
आंखे नम भी हुई याद में तो गम नही होगा...
क्यों कि शायरी की फ़रमाइशें आप की 
मुझे अपना बनाएंगी...।

खुशियां इतनी दी है कि ज़िन्दगी ऐसे -मेरी शायरी

Khushiya itni di he ki zindgi aese hi guzar denge...
Kaha to nhi tumne fir bhi
Tera intzaar krenge...
Aaega ek din jb tumse milungi me...
Aankhon me aansu pr,
Dil me armaan hazar honge...

खुशियां इतनी दी है कि ज़िन्दगी ऐसे ही गुज़ार देंगे.. .
कहा तो नही तुमने फिर भी तेरा इंतज़ार करेंगे...
आएगा एक दिन जब तुमसे मिलूंगी में...
आंखों में आँसू पर दिल मे अरमान हज़ार होंगे..

खुद में तूफान को संभाल-मेरी शायरी

Khud me tufaan ko sambhal ke baithe he
Or Hmse kehte he,Thodi si himmt de do...!!

खुद में तूफान को संभाल कर बैठे है और

हमसे कहते है ,थोड़ी सी हिम्मत दे दो,।।।




लफ्ज़ जब मेरे उनके दिल -मेरी शायरी

Lafz jb mere unke dil ne pdhh liye,
Mene na socha kuchh aese asr kr gye...
Jb bhi zikr hota he unka meri shayrio me,
Lge jese  unki dhadakan sun liye...

लफ्ज़ जब मेरे उनके दिल ने पढ़ लिए,

मेने ना सोचा कुछ ऐसे असर कर गए,
जब  भी ज़िक्र होता है उनका मेरी शायरिओ में,
लगे जैसे उनकी धड़कन सुन लिए..

बातों बातों में गम बट -मेरी शायरी


Bato bato me gm bt gye..
Dil ke kono me sanam utr gye...
Jaane kab,Aap or me hm bn gye...

बातों बातों में गम बट गए..

दिल के कोनो में सनम उतर गए...
जाने कब आप ओर मै "हम" बन गए...

तेरे इन्तज़ार की हद तक-मेरी शायरी

Tere intezaar ki had tak hm intezaar krenge,
Jb jiyenge tere naam se ,duniya se inkaar krenge..

तेरे इन्तज़ार की हद तक हम इन्तज़ार करेंगे,

जब जियेंगे तेरे नाम से ,दुनिया से इनकार करेंगे...

आएगा एक दिन ऐसा-मेरी शायरी

Aayega ek din aesa bhi...
Bharosa hoga tuje bhi,
Nibhaenge yaari aese ki
Tu yaad krega mujhe hi...


आएगा एक दिन ऐसा भी...
भरोसा होगा तुझे भी,
निभाएंगे यारी ऐसे की
तू याद करेगा मुझे ही...

Monday, 29 May 2017

तेरा यूँ मुह फेरना अच्छा नही-मेरी शायरी

Tera yun muh ferna achcha nhi lagta...
Tera yun chup rehna achchha nhi lagta...
Tu dil khol ke baate kiya kr
Yun tera dil chhupana achha nhi lgta...

तेरा यूँ मुह फेरना अच्छा नही लगता...

तेरा यूँ चुप रहना अच्छा नही लगता...
तू दिल खोल के बातें किया कर,
यूँ तेरा दिल छुपाना अच्छा नही लगता....

मै मिट्टी हु एक दिन-मेरी शायरी

Me mitti hu
Ek din mitti me mil jaungi...
Dekh le meri tarf bhi ek baar,
Tere kuchh to kaam aa jaungi... 

मै मिट्टी हु
एक दिन मिट्टी में मिल जाउंगी...
देख ले मेरी तरफ भी एक बार
तेरे कुछ तो काम आ जाऊँगी...

बस दिल के जज़्बातों को लफ़्ज़ों में-मेरी शायरी

Bs dil ke jazbaton ko Lafzo me bayan kr do...
Jo chhupe hue he raaz unhe bayan kr do.

बस दिल के जज़्बातों को लफ़्ज़ों में बयान कर दो...
जो छुपे हुए है राज़ उन्हें बयान कर दो...

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यूँ ही मज़ाक में कह दिया उन्होंने मुझे -मेरी शायरी

Yunhi majak me keh diya
Unhone Mujhe tum acchi lagti ho..
Royi aankhe Dil tapd utha,
Pr mehsoos kiya
tum ho sath to mujhe zindgi acchi lagti he...

यूँ ही मज़ाक में कह दिया उन्होंने मुझे तुम अच्छी लगती हो...

रोई आंखे दिल तड़प उठा,
पर महसूस किया
तुम हो साथ तो मुझे
ज़िन्दगी अच्छी लगती है.....

दिल मे न सही दिमाग मे तो-मेरी शायरी

Dil me na sahi dimag me to aaungi...
Hakikt me na sahi khwabo me to aaungi...
Kahi na hone se to accha he kahi hu me
Iss bahane se me yaad to aaungi...

दिल मे न सही दिमाग मे तो आउंगी...

हकीकत में न सही ख्वाबों में तो आउंगी...
कही ना होने से  तो अच्छा है कही हु में,
इस बहाने से में याद तो आउंगी...

बातें करना अच्छा लगता है-मेरी शायरी

Bate krna accha lagta he
Jb koi apna saath ho...
Baate sunna bhi accha lgta he 
Jb apna hi zikr or Baat ho...

बातें करना अच्छा लगता है 
जब अपना कोई साथ हो,...
बातें सुनना भी अच्छा लगता है 
जब अपना ही ज़िक्र ओर बात हो...


वो तारीफें करते रहते है-मेरी शायरी

Wo tarife krte rehte he Hm shayri krte rehte he...
Wo kuchh kehte nhi Or hm intezaar krte rehte he...

वो तारीफें करते रहते है हम शायरी करते रहते है...
वो कुछ कहते नही ओर हम इंतज़ार करते रहते है।...

मेरी यादों को सीने में दबा रख्खा है-मेरी शायरी

Meri yaado ko sine me daba rakkha he,
Usne muje Abhi bhi yaad rakkha he...


मेरी यादों को सीने में दबा रख्खा है,
उसने मुझे अभी भी याद रखा है,।

तू अभी बेखबर है मेरे एहसास-मेरी शायरी

Tu abhi bekhbr he mere ehsaas se,
Me jee rahi hu abhi khuda ke ehsaan se...
Wo bana de tuje mera naseeb to,
zindgi bdl jaaye,
Fir spne sajau me kuchh haseen se...

तू अभी बेखबर है मेरे एहसास से,

मै जी रही हु अभी खुदा के एहसान से,
वो बना दे तुजे मेरा नसीब ,
तो ज़िन्दगी बदल जाये, 
फिर सपने सजाऊ मै कुछ हसीन से...



तेरा हर दर्द मेरा हो जाये-मेरी शायरी

Tera har dard mera ho jaaye,
Meri har khushi teri ho jaaye,
Pyaar kru tuje me itna ki,
Khuda bhi dua kubul krne ko mjbur ho jaaye... 

तेरा हर दर्द मेरा हो जाये,
मेरी हर खुशी तेरी हो जाये,
प्यार करु तुजे में इतना कि,
खुदा भी दुआ कुबूल करने को मजबूर हो जाये...।

वो चैन से सो रहे है मेरे -मेरी शायरी



Wo chain se so rhe he mere samne
Sukun se he wo dekh ke sukun he mere samne
Ae khuda inhe hmesha khush rkhna,
Meri Chaht ki duaa krti hu tere samne..  

वो चैन से सो रहे है मेरे सामने,
सुकून से है वो देख कर सुकून है मेरे सामने,
ऐ खुदा इन्हें हमेशा खुश रखना,
मेरी चाहत की दुआ करती हूं
तेरे सामने...  
                    

कुछ दोस्त खफ़ा हो गए - मेरी शायरी

Kuchh dost khafa ho gae hai, Lagata hai hamaaree sohabat unhen ab raas nahee aatee. Na karenge  kabhee koee shikava tumase, Shart ...