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Sunday, 2 July 2017

ए बारिश, ज़रा उनको भी-मेरी शायरी

A-barish, jara unko bhi bhigo de,
main hy kub talak tadpoo unki yaad mei??
Tum bhi bheeg k dekhlo iss barish mei jara ,
Meri tadap ka kuchh andaja to hoga। 

ए बारिश, ज़रा उनको भी भीगा दे,

मैं ही कब तलक तडपु उनकी याद में ??
तुम भी भीग के देख लो इस बारिश में ज़रा,
मेरी तड़प का कुछ अंदाजा तो होगा। 



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